Tableeg-E-Jamat-Dispute-Delhi

 

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एक बार फिर से दुनिया की बड़ी तब्लीगी जमात देश की खुफिया एजेंसियों के रडार पर आ गई है.

ताजा आरोप

निजामुद्दीन इलाके में धार्मिक संगठन तबलीग-ए-जमात (Tableeg-E-Jamat) के एक कार्यक्रम में जुटे लोगों में से कुछ में कोरोना का संक्रमण पाये जाने और कुछ अन्य में संक्रमण की आशंका के चलते उन्हें दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. समझा जाता है कि इस आयोजन में लगभग दो हजार लोगों ने हिस्सा लिया था, इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.


इससे पहले भी दो बार जमात विवादों में आ चुकी है. दारुल उलूम देवबंद भी जमात पर इस्लाम को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगा चुका है.

पलवल में बन रही एक मस्जिद में आतंकी हाफिज सईद के फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन का पैसा लगने के आरोपों के बाद तब्लीगी जमात को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई हैं. ये कोई पहला मौका नहीं है जब जमात पर खुफिया एजेंसी की निगाह पड़ी है.


कौन है तब्लीगी जमात

तब्लीगी जमात से जुड़े उलेमाओं का दावा है कि जमात दुनिया के 213 मुल्कों में फैली हुई है. जमात से दुनियाभर में 15 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं. उनका दावा है कि जमात कोई सरकारी मदद नहीं लेती है. जमात की केाई बेवसाइट, अखबार या चैनल नहीं है. भारत में जमात का हैड आफिस दिल्ली में हज़रत निजामुउद्दीन दरगाह के पास है. जमात की एक खास बात ये है कि ये अपना एक अमीर (अध्यक्ष) चुनते हैं और उसी की बात मानते हैं.

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तब्लीगी जमात का मकसद

तब्लीगी जमात से जुड़े उलेमाओं का दावा है कि वह कोई संगठन या अलग वर्ग नहीं है. उनका काम बस इतना है कि शहर-शहर और गांव-गांव घूमकर लोगों को इस्लाम पर सही तरीके से चलने की जानकारी देना है. अच्छाई और बुराई के फर्क को समझाना है. और जमात जिस शहर या गांव में भी जाती है वो हमेशा मस्जिदों में ही रुकती है.

देवबंद ने जमात पर लगाए थे आरोप

दारुल उलूम देवबंद भी एक बार तब्लीगी जमात पर गंभीर आरोप लगा चुका है. जिसे लेकर खासा हो-हल्ला हुआ था. जानकारों की मानें तो दारुल उलूम देवबंद ने जमात के भारत में सदर (अध्यक्ष) मौलाना साद पर इस्लामिक शरियत के गलत मायने बताने और अल्लाह के पैगम्बरों का अपमान करने का आरोप लगाया था. उन्होंने ये भी कहा था कि मौलाना साद गुमराह हो गए हैं और उनको बिना किसी देरी के तौबा (गलती मानना) करनी चाहिए.

कबकौन-कौन से आरोप लगे हैं जमात पर

-17 नवम्बर 2011 को विकिलीक्स ने खुलासा करते हुए कहा था कि तब्लीगी जमात की मदद से भारत में अलकायदा के नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा रुपया और वीजा हासिल किया जा रहा है. हालांकि जमात के उलेमाओं ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि जमात सिर्फ धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाती है.CURRENT AFFAIRS 13 TO 26 MARCH 2020

– 18 जनवरी 2016 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात स्‍थित नूहु से अलकायदा के एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया था. ये संदिग्ध तब्लीगी जमात में शामिल होकर झारखण्ड से मेवात पहुंचा था. इस दौरान दो अन्य लोग भी दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिए थे.SPORTS FACTS FOR COMPETITIVE EXAMS

– तब्लीगी जमात से जुड़े एक उलेमा पर लगा है. मोहम्मद सलमान नाम के ये उलेमा पलवल, हरियाणा में एक मस्जिद बनवा रहे हैं. कहा जा रहा है कि मोहम्मद सलमान तब्लीगी जमात से जुड़े हुए हैं. नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) का आरोप है कि इस मस्जिद के लिए जो पैसा लिया गया है वो आतंकी हाफिज सईद के फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन से जुड़े खाड़ी देश में रह रहे एक व्यक्ति से लिया गया है.

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