CORONA VIRUS IN HINDI

CORONA VIRUS IN HINDI

वायरस क्या है –VIRUS KYA HOTA HE

वायरस बहुत छोटे होते हैं, जो प्रोटीन की खोल (The shell)  के अंदर अनुवांशिक(Genetic) सामग्री से बने होते हैं। वायरस की अनुवांशिक(Genetic)  सामग्री आरएनए(RNA) या डीएनए ( DNA) हो सकती है, जो आम तौर पर लिपिड , प्रोटीन  या ग्लाइकोप्रोटीन की खोल(The shell) से घिरी रहती है या तीनों का थोड़ा-थोड़ा संयोजन(COMPOSITION) होता है। वायरस शरीर के बाहर तो ये मृत-समान होते हैं परंतु शरीर के अंदर जीवित हो जाते हैं।SCIENCE

 

रूसी वनस्पति शास्त्री इवानोवस्की ने भी 1892 में तम्बाकू में होने वाले मोजेक रोग का अध्ययन करते समय विषाणु के अस्तित्व का पता लगाया। इस विशेष विषाणु का नाम उन्होंने टोबेको मोजेक वाइरस(TMV) रखा।

 

 

 

कोई वायरस मेजबान सेल की सहायता के बिना वृद्धि नहीं कर सकता है और हालांकि वे फैल सकते हैं लेकिन वायरस में स्वयं प्रजनन की क्षमता की कमी होती है और इसलिए इसे सामान्य जीवित जीवों जैसा नहीं माना जाता है।

 

वायरस किसी ठग की तरह होते हैं। वे जीवित, सामान्य कोशिकाओं पर आक्रमण करते हैं और उन कोशिकाओं का उपयोग अपने जैसे अन्य वायरस की संख्या बढ़ाने के लिए करते हैं।

वायरस कोशिकाओं को मार सकते हैं, क्षति पहुंचा सकते हैं या बदल सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं। विभिन्न वायरस आपके शरीर में कुछ कोशिकाएं जैसे आपके लिवर, श्वसन तंत्र या खून पर हमला करते हैं।

कुछ सबसे आम या सबसे प्रसिद्ध वायरस में ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) जो एड्स का कारण बनता है, हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस, जो ठंडे घावों, मल्टीपल स्क्लेरोसिस , चेचक का कारण बनता है और ह्यूमन पेपिलोमा वायरस जो अब वयस्क महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का एक प्रमुख कारण माना जाता है, इत्यादि शामिल है।

आम सर्दी जुकाम भी एक वायरस के कारण होता है। चूंकि अभी भी नए-नए विषाणुओं की उत्पत्ति का मुद्दा रहस्य से घिरा हुआ है, इन वायरस या विषाणु के कारण होने वाली बीमारियां और उन्हें ठीक करने के तरीके अभी भी विकास के शुरुआती चरणों में हैं।

वायरस बेहद छोटे, व्यास में लगभग 20 – 400 नैनोमीटर तक होते हैं। मिमिवायरस के रूप में जाना जाने वाला सबसे बड़ा वायरस 500 नैनोमीटर के व्यास तक होता है।

CORONA VIRUS IN HINDI

कोरोना वायरस(CORONA VIRUS)– (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। कोविड 19 नाम का यह वायरस अब तक 196  से ज़्यादा देशों में फैल चुका है।

 

 

वायरस के प्रकार -(TYPES OF VIRUS)

वायरस को उसके होस्ट के प्रकार के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। इसी आधार पर होम्स ने 1948 में वायरस को तीन समूहों में विभाजित किया है। वे हैं –

एनिमल वायरस (ANIMAL VIRUS)
वायरस जो मनुष्य सहित पशुओं की कोशिका को संक्रमित करते हैं, उन्हें एनिमल वायरस कहा जाता है। उदाहरण के लिए, इन्फ्लूएंजा वायरस, रैबीज वायरस, मम्प्स वायरस (जिससे गलसुआ रोग होता है), पोलियो वायरस, स्माल पॉक्स वायरस, हेपेटाइटिस वायरस, राइनो वायरस (सामान्य सर्दी जुकाम वाला वायरस) आदि। इनकी आनुवंशिक सामग्री आरएनए या डीएनए होता है।

प्लांट वायरस(PLANT VIRUS)
पौधों को संक्रमित करने वाले वायरस को प्लांट वायरस कहा जाता है। उनकी अनुवांशिक सामग्री आरएनए होता है जो प्रोटीन की खोल (The shell) में रहता है। उदाहरण के लिए, तंबाकू मोजेक वायरस, पोटैटो वायरस (आलू विषाणु), बनाना बंची टॉप वायरस, टोमॅटो येलो लिफ कर्ल वायरस (टमाटर की पत्ती ), बीट येलो वायरस और टर्निप येलो वायरस इत्यादि हैं।CORONA – A DANGEROUS ATTACK

बैक्टीरियोफेज (Bacteriophages)

वायरस जो जीवाणु या बैक्टीरिया की कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं उन्हें बैक्टीरियोफेज या बैक्टीरिया खाने वाले के रूप में जाना जाता है। उनमें आनुवांशिक सामग्री के रूप में डीएनए होता है। बैक्टीरियोफेज की कई किस्में हैं। आम तौर पर, प्रत्येक प्रकार का बैक्टीरियोफेज केवल एक प्रजाति या बैक्टीरिया के केवल एक स्ट्रेन पर हमला करता है।

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वायरस कैसे फैलता है – Virus kaise failta hai in hindi

वायरस पर्यावरण से या अन्य व्यक्तियों के माध्यम से मिट्टी से पानी में या हवा में पहुंच कर नाक, मुंह या त्वचा में किसी भी कट के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं और संक्रमित करने के लिए किसी कोशिका की तलाश करते हैं।

उदाहरण के लिए एक सर्दी जुकाम या फ्लू का विषाणु उन कोशिकाओं को लक्षित करता है जो श्वसन (यानी फेफड़ों) या पाचन नली (यानी पेट) में होती हैं। एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस) जो एड्स का कारण होता है, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की टी-कोशिकाओं (एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं जो संक्रमण और बीमारी से लड़ती हैं) पर हमला करता है।

विषाणु और जीवाणु संक्रमण दोनों मूल रूप से मनुष्यों में एक ही तरह से फैलते हैं। वायरस मनुष्यों में निम्नलिखित कुछ तरीकों से फैल सकते हैं –

  • जिस व्यक्ति को सर्दी जुकाम है उस व्यक्ति की  छींक  या खांसी से वायरस संक्रमण फैल सकता है।
  • वायरस किसी अन्य व्यक्ति के हाथ को छूने या हाथ मिलाने से फैल सकता है।
  • यदि कोई व्यक्ति गंदे हाथों से भोजन को छूता है तो वायरस आंत में भी फैल सकताहै।
  • शरीर के तरल पदार्थ जैसे कि खून, लार औरवीर्य और ऐसे ही अन्य तरल पदार्थों के इंजेक्शन या यौन संपर्क द्वारा संचरण से वायरस, विशेष रूप से हेपेटाइटिस या एड्स जैसे वायरल संक्रमण अन्य व्यक्तियों में फैल सकते हैं।

  वायरस से होने वाली बीमारियां – Virus se hone wale rog in hindi

वायरस यूकेरियोट्स (एक से अधिक कोशिका वाले जीव) में कई बीमारियों का कारण बनता है। इंसानों में

वायरस      के कारण कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। वायरस से होने वाली कुछ बीमारियां निम्नलिखित हैं –

  • चिकन पॉक्स     WORLD HEALTH ORGANIZATION DISPUTE
  • चेचक
  • रेबीज
  • जेनाइटल हर्पीस
  • पोलियो
  • सामान्य सर्दी जुकाम
  • इन्फ्लूएंजा
  • मीजल्स
  • इबोला हेमोरेजिक बुखार
  • एड्स इत्यादि।

कुछ मामलों में, यह निर्धारित करना मुश्किल हो सकता है कि आपके लक्षण का कारण बैक्टीरिया है या वायरस। कई बीमारियां – जैसे दस्त , मेनिनजाइटिस निमोनिया और  या तो बैक्टीरिया या वायरस के कारण हो सकती हैं।

 

जानवरों को प्रभावित करने वाली वायरल बीमारियों में रेबीज, मुंहपका-खुरपका रोग, बर्ड फ्लू और स्वाइन फ्लू शामिल हैं। पौधों की बीमारियों में मोज़ेक रोग, रिंग स्पॉट, लीफ कर्ल और लीफ रोल रोग शामिल हैं।

 

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